अयोध्या राम मंदिर में सुरक्षा चूक, संदिग्ध गतिविधि पर कश्मीरी युवक हिरासत में

Sun 11-Jan-2026,01:07 AM IST +05:30

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अयोध्या राम मंदिर में सुरक्षा चूक, संदिग्ध गतिविधि पर कश्मीरी युवक हिरासत में अयोध्या-राम-मंदिर-में-सुरक्षा-चूक
  • अयोध्या के राम मंदिर परिसर में सुरक्षा चूक का मामला सामने आया, संदिग्ध गतिविधि पर युवक हिरासत में, जांच में जुटीं एजेंसियां।

Uttar Pradesh / Ayodhya :

अयोध्या/ उत्तर प्रदेश के अयोध्या स्थित राम मंदिर परिसर की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एक गंभीर मामला सामने आया है, जिसने प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता को केंद्र में ला दिया है। मंदिर परिसर के भीतर एक युवक को संदिग्ध गतिविधि करते हुए पकड़े जाने के बाद पूरे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है। यह घटना न केवल मंदिर सुरक्षा बल्कि भीड़-प्रबंधन और खुफिया निगरानी की प्रभावशीलता पर भी सवाल खड़े करती है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, अयोध्या में राम मंदिर परिसर के सीता रसोई क्षेत्र के पास एक कश्मीरी युवक को नमाज़ पढ़ने का प्रयास करते हुए सुरक्षाकर्मियों ने पकड़ लिया। युवक कश्मीरी वेशभूषा में था और उसने मंदिर के गेट D1 के माध्यम से परिसर में प्रवेश किया था। पकड़े गए युवक की पहचान अहद शेख के रूप में हुई है, जो जम्मू-कश्मीर के शोपियां जिले का निवासी बताया जा रहा है।

सूत्रों के अनुसार, जब सुरक्षाकर्मियों ने युवक को रोका और उससे पूछताछ की कोशिश की, तो उसने धार्मिक नारे लगाने शुरू कर दिए। स्थिति को देखते हुए पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए युवक को हिरासत में ले लिया। इसके बाद खुफिया एजेंसियों ने उससे पूछताछ शुरू की है ताकि उसके इरादों, पृष्ठभूमि और संभावित संपर्कों की जानकारी जुटाई जा सके।

इसी दौरान, युवक की गिरफ्तारी के समय मंदिर परिसर के आसपास दो अन्य कश्मीरी युवक संदिग्ध परिस्थितियों में भागते हुए दिखाई दिए, जिन्हें पुलिस ने बाद में हिरासत में ले लिया। इसके बाद शहर में अतिरिक्त सतर्कता बरतते हुए कश्मीरी शॉल बेचने वाले कुछ अन्य लोगों को भी पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है।

घटना के बाद अयोध्या में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है। पुलिस और खुफिया एजेंसियां हर पहलू से मामले की जांच कर रही हैं, ताकि किसी भी प्रकार की अफवाह या कानून-व्यवस्था की समस्या उत्पन्न न हो। फिलहाल राम मंदिर ट्रस्ट की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। यह घटना धार्मिक स्थलों की सुरक्षा, आगंतुकों की स्क्रीनिंग और खुफिया समन्वय को और मजबूत करने की आवश्यकता को रेखांकित करती है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि शांति और सुरक्षा बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है।